GST Rate 2026 Latest News: नए बजट लागू होते ही बाजार में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं — खासकर रोजमर्रा की चीजों और टैक्स स्लैब में! बहुप्रतीक्षित GST 2.0 रिफॉर्म के तहत टैक्स दरों को सरल और उपभोक्ताओं के पक्ष में ढालने का निर्णय लिया गया है, जिसका सीधा असर जेब पर पड़ेगा।
GST 2.0: क्या हुआ बदलाव?
GST काउंसिल ने मौजूदा चार दरों (5%, 12%, 18%, 28%) को सिर्फ दो मुख्य दरों — 5% और 18% में बदल दिया है, और कुछ खास सामान/सेवाओं पर 40% “लक्ज़री/पाप टैक्स” लागू किया गया है।
नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू हैं और इनका प्रभाव अब बजट 2026 के साथ पूरी तरह दिखने लगा है।
5 रोजमर्रा की चीजें जो अब सस्ती होंगी
GST रेट कट के कारण इन सामानों पर टैक्स कम हो गया है, जिससे कीमतें कम हो सकती हैं:
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साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, टूथब्रश — अब 18% के बजाय 5% GST लगेगा।
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घी, मक्खन, पनीर और डेयरी स्प्रेड्स — 12% से घटकर 5% टैक्स।
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किचनवेयर/बर्तनों जैसे टेबलवेयर, यूटेंशल्स — 12% से 5% GST।
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स्टेशनरी वस्तुएँ — (पेंसिल, नोटबुक, चार्ट आदि) पर टैक्स निरस्त या बहुत कम हुआ।
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फ़ुटवियर और कपड़े (कम दाम वाले) — 12% से 5% GST की श्रेणी में आ गए।
इसी साथ आइसक्रीम, पके फल/फल का रस, बीमा प्रीमियम जैसे कई स्वास्थ्य तथा दैनिक उपयोग की वस्तुएँ भी कम टैक्स वाले स्लैब में चली गईं।
3 चीजें जो महंगी हो सकती हैं
बजट में तय नियमों के अनुसार कुछ श्रेणियों पर उच्च टैक्स रेट (40%) लागू हुआ है, जिसका असर कीमतों पर पड़ेगा:
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सॉफ्ट ड्रिंक्स/एरोएटेड पेय — 28% से बढ़कर 40% GST।
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लक्ज़री कारें और प्रीमियम मोटर वाहन — 40% स्लैब में रखे गए।
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तंबाकू, सिगरेट, पान मसाला जैसे “सन गुड्स” — 40% टैक्स के दायरे में।
इसका सीधा असर आपकी जेब पर
रोजमर्रा की जरूरतें सस्ती: साबुन-शैम्पू-खाना-बर्तन जैसी रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स कम होने से घर का खर्च कम हो सकता है।
कुछ महँगे और लग्ज़री चीज़ें महंगी: पाप/लक्ज़री उत्पादों पर बढ़ा टैक्स उन्हें महँगा बनाएगा, जिससे खर्च में संतुलन बनेगा।
GST ढांचा सरल: दो मुख्य स्लैब (5% और 18%) से टैक्स सिस्टम आसान और पारदर्शी हुआ है।
क्या यह बदलाव अभी लागू है?
GST 2.0 रेट बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू हैं और इसका असर 2026 बजट के साथ और स्पष्ट रूप से दिख रहा है।
संक्षेप में
रोज़मर्रा की 5 चीज़ें सस्ती हुईं: साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, डेयरी, बर्तनों आदि पर GST कम।
3 चीज़ें महँगी हुईं: सॉफ्ट ड्रिंक्स, तंबाकू, प्रीमियम वाहन और लक्ज़री वस्तुएँ।
स्लैब संरचना बदल गई: अब मुख्य रूप से 5% और 18% टैक्स दरें लागू होंगी।