Land Registry New Update 2026: भारत में जमीन रजिस्ट्री और भूमि रिकॉर्ड सिस्टम को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीकी-आधारित बनाने की दिशा में **2026 में कई महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं**। इन परिवर्तनों का उद्देश्य संपत्ति के लेन-देनों को आसान बनाना, धोखाधड़ी को कम करना और डिजिटल रिकॉर्ड की मान्यता को मजबूत करना है।
Easy Registry & Easy Jamabandi – पंजाब में बड़ा अपडेट
पंजाब सरकार ने **Easy Registry & Easy Jamabandi** नाम से दो महत्वपूर्ण डिजिटल पहल शुरू की है, ताकि भूमि रजिस्ट्री और जमाबंदी रिकॉर्ड को सरल और पारदर्शी बनाया जा सके। इस पहल से भ्रष्टाचार कम होगा तथा भूमि के मालिकाना हक़ और लेन-देनों की प्रक्रिया जल्द और सुरक्षित होगी।
Land Registry बिहार में भूमि रजिस्ट्री नियमों में बड़ा बदलाव
बिहार सरकार ने भूमि रजिस्ट्री के नियमों में भारी बदलाव किए हैं ताकि रजिस्ट्री कार्यालयों की कार्य प्रक्रिया बेहतर हो सके। इसमें निबंधन कार्यालयों के खुलने के समय, शुल्क और प्रक्रिया से जुड़े प्रोसीज़ में सुधार शामिल है।
अन्य राज्यों का भूमि रजिस्ट्री संदर्भ
- राजस्थान: नए भूमि रजिस्ट्री नियमों पर विवाद जारी है, विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे भूमि मालिकों को इससे परेशानी हो सकती है।
- उत्तर प्रदेश: प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में नए नियम लाने की तैयारी है ताकि फ्रॉड और धोखाधड़ी की घटनाओं को रोका जा सके।
- छत्तीसगढ़: जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाने वाले बदलाव किए गए हैं, जिससे जनता को सुविधाएं मिलेंगी।
- बिहार (सर्किल रेट): 1 जनवरी 2026 से जमीन रजिस्ट्री दरों में वृद्धि से रजिस्ट्री महंगी हो गई है।
Land Registry डिजिटल और ऑनलाइन रजिस्ट्री की दिशा में कदम
केंद्र और कई राज्य सरकारें भूमि रिकॉर्ड और रजिस्ट्री को डिजिटलीकरण की ओर ले जा रही हैं:
- 19 राज्यों में डिजिटल रूप से वैध भूमि रिकॉर्ड अब डाउनलोड किये जा सकते हैं, जिससे बैंक और नागरिक ऑनलाइन दस्तावेज़ सत्यापित कर सकेंगे।
- उत्तर प्रदेश में QR कोड-आधारित रजिस्ट्री, रेंट एग्रीमेंट और त्वरित रजिस्ट्री अपडेट जैसे सिस्टम लागू होंगे।
- लखनऊ समेत अन्य जिलों में भूमि उपयोग परिवर्तन और म्यूटेशन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल करने की तैयारी है।
- ओडिशा में भी भूमि रिकॉर्ड संशोधन की योजना है, जिसमें “शादीशुदा बेटियों” को अधिकारों में शामिल किया जाएगा।
Land Registry इसके क्या मायने हैं आम जनता के लिए?
इन बदलावों के कारण:
- भूमि रजिस्ट्री और मालिकाना हक़ की सत्यापन प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी होगी।
- भ्रष्टाचार और गलत रिकॉर्ड की संभावना कम होगी।
- ऑनलाइन सर्विसेज़ से लोगों को ज़मीन के दस्तावेज़ घर बैठे प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
- बैंकिंग, कर्ज़, रेंट एडजस्टमेंट और सरकारी योजनाओं के लिए भूमि रिकॉर्ड की वैधता तेज़ी से उपलब्ध होगी।
Land Registry उपयोगकर्ता कैसे लाभ उठा सकते हैं?
आप सरकारी पोर्टलों पर ऑनलाइन रजिस्ट्री और भूमि रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
डिजिटल दस्तावेज़ों को बैंक और अदालतों में सत्यापित कर सकते हैं।
Aadhaar या मोबाइल सत्यापन से अपनी भूमिक संपत्ति रिकॉर्ड को अपडेट कर सकते हैं।
निष्कर्ष
**2026 में भूमि रजिस्ट्री और भूमि रिकॉर्ड सिस्टम में कई बड़े बदलाव** किए जा रहे हैं, जिनका लक्ष्य भूमि के मालिकाना हक़ और लेन-देनों को आसान, तेज और सुरक्षित बनाना है। डिजिटल, पारदर्शी, Aadhaar-नेटिव और QR-बेस्ड सिस्टम से जमीन रजिस्ट्री अब भविष्य की तकनीक को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
जमीन खरीदने, बेचने या रजिस्ट्री करवाने से पहले नवीनतम ऑनलाइन अपडेट और राज्य आधारित निर्देशों की पुष्टि अवश्य करें।